Monday, 15 December 2014

प्यारी माँ मुझको तेरी दुआ चाहिये ।
तेरे आँचल कि ठण्डी हवा चाहिये ।
लोरी गा गाके मुझको सुलाती है तुं ।
मुस्कुराकर सवेरे जगाती है तु ।
मुझको इसके सिवा और क्या चाहिये ।
तेरी ममता के साये मेँ फुलुं फलुँ ,
थामकर तेरी अगुलीँ मै बढती चलुं ।
तेरी खिदमत से दुनियाँ मे अजमत मेरी,
तेरे पैरोँ के नीचे है जन्नत मेरी ।
आसरा बस तेरे प्यार का चाहिये ।
प्यारी माँ मुझको तेरी दुआ चाहिय

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