Monday, 28 April 2014

कोई और विकल्प बताते है.....||
चलो नेहरु को ले आते हैं, एक और पाकिस्तान बनाते हैं.....|

हम खून पसीना बहा कर आ. यकर चुकायेंगे, 
और वो अपना कोट विदेश में धुल्वायंगे......||
चलो हाथी पर भरोसा जताते हैं, जो लडते हैं धर्म के नाम पर.....|
उन्हें जात के नाम पर लड़वाते हैं......|| चलो साइकल में हवा भरवाते हैं, शहर में जंगल राज चलवाते हैं.....|
अनपढ़ से आइयाशी और पढ़े लिखो से रिक्शा चलवाते है.....||
या सर्वोतम विकल्प फिर से कांग्रेस को लाते हैं, 
बच्चों से राहुल की जीवनी पढवाते हैं..
आँखों पर पट्टी बांध कर खाई में कूद जाते है..
आज समझ आया क्यूँ अक्सर विदेशी, कुत्तों और भारतीयों पर रोक लगाते हैं.
क्यूंकि कुत्ते घी, और हम शांति-सत्य-सकून और इज्ज़त हजम नहीं कर पाते हैं....||
एक आजम खां जो भारत माँ को डायन कहता है.....|
एक दिग्विजय जो हर औरत को टंच समझते हैं.....||
किसी को भी सत्ता में लाते हैं, बाऊ बाऊ चिलाते है....|
नहीं मोदी को नहीं लाते हैं, कोई और विकल्प बताते है.....||
जय हिंद, जय भारत, वंदेमातरम.
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अब हमें नींद से जगना होगा।
अब हमें लड़ना होगा।
किस बात पर गर्व करे.....??
लाखों करोड़ के घोटालों पर...?
85 करोड़ भूखे गरीबों पर...?
62 प्रतिशत कुपोषित इंसानों पर...?
या क़र्ज़ से मरते किसानों पर...?
किस बात पर गर्व करे.....??
जवानों की सर कटी लाशों पर...?
सरकार में बैठे अय्याशों पर....?
स्विस बैंकों के राज़ पर...?
प्रदर्शनकारियोंपर होते लाठीचार्ज पर...किस बात पर गर्व करे......??
राज करते कुछ परिवारों पर....?
उनकी लम्बी इम्पोर्टेड कारों पर....?
रोज़ हो रहे बलात्कारों पर...?
या भारत विरोधी नारों पर...?
किस बात पर गर्व करे......??
महंगे होते आहार पर....?
अन्याय की हाहाकार पर....?
बढ़ रहे नक्सलवाद पर....?
या देश तोड़ते आतंकवाद पर....?
किस बात पर गर्व करे.......??
जवानों की खाली बंदूकों पर....?
सुरक्षा पर होती चूकों पर....?
पेंशन पर मिलते धक्कों पर.....?
या IPL के चौकों-छक्कों पर....?
किस बात पर गर्व करे......??
किसानों से छिनती ज़मीनों पर....?
युवाओं की खिसकती जीनों पर....?
संस्कृति पर होते रेलों पर.....?
या क्रिकेट-कॉमनवेलथ खेलों पर....?
किस बात पर गर्व करे......??
साढ़े 900 के सिलेंडर पर...?
दुश्मन के आगे होते सरेंडर पर....?
इस झूठी शान पर....?
या 'इंडियन' होने की पहचान पर....?
किस बात पर गर्व करे.....??
किस बात पर गर्व करे.....?
करोड की शो करके आमिर नैशनल हीरो बने तो देश आगे कैसे बढे . .
जब विदेशी Status Symbol हो और स्वदेशी cheap लगे तो देश आगे कैसे बढे . .
जब नहाने के बाद Deo लगाना जरुरी और भगवान के सामने सर झुकना Boring लगे तो देश आगे कैसे बढे . . 
जब Dirty Picture को नैशनल अवार्ड मिले और पान सिंह तोमर फ्लॉप रहे तो देश आगे कैसे बढे . .
जब राजेश खन्ना के मृत्यु पर मीडिया विधवा अलाप करे और क्रांतिकारियों के शहादत दिवस पर एक दीपक भी न जले तो देश आगे 
कैसे बढे . . 
जब देश का युवा Malls
में जेब कटवाए और बाहर ठेले पे मोल भाव करे तो देश आगे कैसे बढे . . 
जब युवाओं को हिंदी बोलने में घिन और देश का प्रधानमन्त्री अंग्रेजी को सर्वश्रेष्ठ
भाषा कहे तो देश आगे कैसे बढे . . 
गर्लफ्रेंड के लिए कविताएं लिखने वाला युवा अगर देश की स्थिति पे मौन रहे तो देश आगे कैसे बढे . . 
अनगिनत ग्रंथो के बाद भी अगर हिंदू चरित्र पतन करे तो देश आगे कैसे बढे .धर्म निरपेक्षता के नाम पर किसी को ठगा जाए और हम शांत रहे तो देश
आगे कैसे बढे . . 
इन लाइनों को पढकर
और आप चुप बैठे तो देश 
आगे कैसे बढ़े ...

Friday, 18 April 2014

ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है
विश्व भर में भारती की ये अमिट पहचान है। 
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
ये तिरंगा दिल की धड़कन ये हमारी जान है

ये तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है
ये तिरंगा वीरता का गूँजता इक मंत्र है
ये तिरंगा वंदना है भारती का मान है

ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का संदेश है
ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है
ये तिरंगा इस धरा पर शांति का संधान है

इसके रेषों में बुना बलिदानियों का नाम है
ये बनारस की सुबह है, ये अवध की शाम है
ये तिरंगा ही हमारे भाग्य का भगवान है

ये कभी मंदिर कभी ये गुरुओं का द्वारा लगे
चर्च का गुंबद कभी मस्जिद का मिनारा लगे
ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है

ये तिरंगा बाईबल है भागवत का श्लोक है
ये तिरंगा आयत-ए-कुरआन का आलोक है
ये तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है

ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है
ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है
ये तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है

ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है
ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धूप है
ये तिरंगा भव्य हिमगिरि का अमर वरदान है

शीत की ठंडी हवा, ये ग्रीष्म का अंगार है
सावनी मौसम में मेघों का छलकता प्यार है
झंझावातों में लहरता ये गुणों की खान है

ये तिरंगा लता की इक कुहुकती आवाज़ है
ये रवि शंकर के हाथों में थिरकता साज़ है
टैगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है

ये तिंरगा गांधी जी की शांति वाली खोज है
ये तिरंगा नेता जी के दिल से निकला ओज है
ये विवेकानंद जी का जगजयी अभियान है

रंग होली के हैं इसमें ईद जैसा प्यार है
चमक क्रिसमस की लिए यह दीप-सा त्यौहार है
ये तिरंगा कह रहा- ये संस्कृति महान है

ये तिरंगा अंदमानी काला पानी जेल है
ये तिरंगा शांति औ' क्रांति का अनुपम मेल है
वीर सावरकर का ये इक साधना संगान है

ये तिरंगा शहीदों का जलियाँवाला बाग़ है
ये तिरंगा क्रांति वाली पुण्य पावन आग है
क्रांतिकारी चंद्रशेखर का ये स्वाभिमान है

कृष्ण की ये नीति जैसा राम का वनवास है
आद्य शंकर के जतन-सा बुद्ध का सन्यास है
महावीर स्वरूप ध्वज ये अहिंसा का गान है

रंग केसरिया बताता वीरता ही कर्म है
श्वेत रंग यह कह रहा है, शांति ही धर्म है
हरे रंग के स्नेह से ये मिट्टी ही धनवान है

ऋषि दयानंद के ये सत्य का प्रकाश है
महाकवि तुलसी के पूज्य राम का विश्वास है
ये तिरंगा वीर अर्जुन और ये हनुमान है
देश वासियों याद करो तुम उन महान बलिदानों को।
देश के खातिर जान लुटाई, देश की उन संतानों को।

जिनके कारण तान कर छाती खड़ा यह पर्वतराज है।
जिनके चलते सबके सर पर आज़ादी का ताज है।

महाकाल भी काँपा जिनसे मौत के उन परवानों को।
देश वासियों याद करो...

देख कर टोली देव भी बोले देखो-देखो वीर चले।
गर पर्वत भी आया आगे, पर्वत को वो चीर चले।
जिनसे दुश्मन डर कर भागे ऐसे वीर जवानों को।
देश वासियों याद करो...

जिनने मौत का गीत बजाया अपनी साँसों की तानों पर।
पानी फेरा सदा जिन्होंने दुश्मन के अरमानों पर।
मेहनत से जिनने महल बनाया उजड़े हुए वीरानों को।
देश वासियों याद करो...

हँस-हँस कर के झेली गोली जिनने अपने सीनों पर।
अंत समय में सो गए जो रख कर माथा संगीनों पर।
शत-शत नमन कर रहा है मन मेरा ऐसे दीवानों को।
देश वासियो याद करो...!
मैं तो सच के साथ सदा हूँ – सब का पासा खोलूंगा मैं तो सैनिक कलम का हूँ – इन्कलाब की भाषा बोलूँगा