भरी जेब ने ‘ दुनिया ‘ की पहचान करवाई… और खाली जेब ने ‘ इन्सानो ‘ की..
Friday, 18 April 2014
मैं तो सच के साथ सदा हूँ – सब का पासा खोलूंगा मैं तो सैनिक कलम का हूँ – इन्कलाब की भाषा बोलूँगा
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